बर्थडे स्पेशल : वक्त से पहले दुनिया को अलविदा कहने वाली दिव्या भारती की 25 अनसुनी कहानियां

बर्थडे स्पेशल : वक्त से पहले दुनिया को अलविदा कहने वाली दिव्या भारती की 25 अनसुनी कहानियां 


एक हीरोइन जिसने सबसे कम समय में कामयाबी की वो कहानी लिखी जिसे लिखना तो दूर लिखने की सोचना भी आज के दौर में नामुमकिन है. दिव्या भारती के जन्मदिन के मौके पर हम आपके लिए लेकर आए हैं दिव्या भारती की 25 कहानियां. दिव्या भारती कैसे ग्लैमर की दुनिया में आई...कैसे वो बहुत जल्द बेहद कामयाब हो गईं और फिर कैसे उन्होंने वक्त से बहुत पहले इस दुनिया को अलविदा कह दिया. जानें..

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1. दिव्या भारती का जन्म 25 फरवरी 1974 के सपनों के शहर मुंबई में हुआ था. दिव्या के पापा बीमा कंपनी में काम करते थे और उनकी मम्मी हाउसवाइफ थी. दिव्या अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान थी. दिव्या का एक छोटा भाई है.

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2. दिव्या भारती बचपन में इतनी प्यारी लगती थी कि एक बार तो उन्हें किसी ने खिलौने वाली गुड़िया समझ लिया था. 

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3. दिव्या का मन पढ़ाई लिखाई में नहीं लगता था. वो तो बस दिनभर शरारतें करना चाहती थी और किसी भी तरह पढ़ाई से दूर भागने के बहाने ढूंढती रहती थी. इसीलिए जब 15 साल की उम्र में फिल्म का ऑफर आया तो दिव्या को पढ़ाई छोड़ने का अच्छा बहाना मिल गया.

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4. करियर शुरु होने से पहले ही दिव्या को कई झटके लगे. दिव्या को राधा का संगम, आतंक ही आतंक, प्रेम और सौदागर जैसी फिल्मों के लिए साइन तो कर लिया गया लेकिन अलग अलग वजहों से उन्हें इन फिल्मों से निकाल दिया गया. 15 साल की दिव्या के लिए ये सब किसी बड़े झटके से कम नहीं था.

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5. फिल्मों से निकाले जाने के बाद भी दिव्या ने हिम्मत नहीं हारी...वो मेहनत करती रही..और आखिरकार 1990 में रिलीज हुई उनकी पहली तेलुगु फिल्म बोबिली राजा इस सुपरहिट फिल्म से दिव्या को वो कायमाबी मिल गई जिसकी तलाश वो दो साल से बड़ी शिद्दत से कर रही थीं

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6. फिर आया साल 1992. वो साल जब दिव्या की जिंदगी बदल गई. इस साल दिव्या की एक नहीं, दो नहीं बल्कि 10 हिंदी फिल्में रिलीज़ हुई और अपने अभिनय से दिव्या ने बॉलीवुड मे अपने हर आलोचक को करारा जवाब दिया. दिव्या आई...और छा गईं. 

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8. 1992 में ही रिलीज हुई दिव्या की फिल्म 'दीवाना' जो शाहरुख खान की पहली फिल्म थी
9. कामयाबी ने दिव्या का पता ढूंढ लिया था...जिस कामयाबी के पीछे वो अब तक भाग रही थी वो कामयाबी अब उनके पीछे भाग रही थी. करियर तो अच्छा चल ही रहा था. अब निजी जिंदगी में भी खुशिया दस्तक दे रही थी. दिव्या की जिंदगी में आ गया था उनका राजकुमार.

15. फोन आने के बाद दिव्या अंधेरी में अपने फ्लैट की तरफ निकली जहां उनकी डिजाइनर नीता लुल्ला उनका इंतजार कर रही थीं. अगले दिन दिव्या को एक आउटडोर शूटिंग पर निकलना था. दिव्या के पिता के मुताबिक, हमें साजिद लिफ्ट में मिला. 15 मिनट में टेलीफोन आ गया कि वो गिर गई हैं.













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